एग्जाम प्रिपरेशन के लिए नोट्स कैसे बनाएं? नोट्स बनाने के फायदे

एग्जाम प्रिपरेशन के लिए नोट्स कैसे बनाएं?

Important tips for make/prepare exam notes in Hindi.

Dear students ,जिस प्रकार कोई भी जंग जीतने में हथियारों का अत्यधिक महत्व होता है या यूं कहें कि अच्छे  हथियार ही जंग की आधी जीत निश्चित कर देते हैं, उसी प्रकार एक विद्यार्थी के लिए किसी परीक्षा में सफलता का निर्धारण उसके द्वारा एग्जाम प्रिपरेशन के लिए अच्छे नोट्स बनाने के तरीके पर  बहुत निर्भर करता है ,

एग्जाम प्रिपरेशन के नोट्स ही एक विद्यार्थी के लिए परीक्षा रूपी  युद्ध के सबसे विश्वसनीय हथियार होते हैं, क्योंकि इन्हीं के माध्यम से वह परीक्षा में सफलता प्राप्त करता है ,


एग्जाम प्रिपरेशन के लिए नोट्स कैसे बनाएं? नोट्स बनाने के फायदे
 एग्जाम प्रिपरेशन के लिए नोट्स कैसे बनाएं? नोट्स बनाने के फायदे


यहांविभिन्न परीक्षाओं के लिए नोट्स बनाने के सुझाव [ notes making tips in Hindi],

नोट्स कैसे बनाएं  How to make/ prepare exam notes in Hindi.

तथा नोट्स बनाने के क्या फायदे/ लाभ होते है ?

 इसके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।


नोट्स बनाने के सुझाव के तहत पहला महत्वपूर्ण सुझाव यह है कि आप जिस भी परीक्षा के लिए या जिस भी टॉपिक से संबंधित नोट्स बना रहे हैं उस टॉपिक को पहले अच्छी तरीके से समझे, ना कि उसे सीधे जैसा बुक में लिखा है वैसा ही अपनी नोटबुक में उतारे ,ऐसा करने से आपको कुछ भी लाभ नहीं मिलेगा,

 सबसे पहले आप उस टॉपिक को समझें और उसके जो महत्वपूर्ण बिंदु है उनको अपनी नोटबुक में नोट करें।


 जब भी आप एग्जाम के लिए नोट्स बनाना प्रारंभ करें तो प्रत्येक  टॉपिक के खत्म होने पर दो या तीन पेज अवश्य छोड़ने के उपरांत ही अगले टॉपिक या अगली हेडिंग के नोट्स बनाना प्रारंभ करें।

 अगर आप पर्याप्त स्थान नहीं छोड़ेंगे, तो आपको नोट्स अपडेट करने के लिए स्थान नहीं मिलेगा और फिर आप अपडेटेड पॉइंट को किसी दूसरी जगह नोट करेंगे ,ऐसा करने से आपके एग्जाम प्रिपरेशन के नोट्स इधर-उधर बिखरे हुए रहेंगे तथा एग्जाम के  समय रिवीजन करने के दौरान  आपको नोट्स इकट्ठे करने और उन्हें ढूंढने में चिड़चिड़ाहट  होने लगेगी,

जहां तक हो सके टॉपिक को समझने के पश्चात उसे पॉइंट वाइज नोट करने का प्रयास करें, इससे रिवीजन करने में बहुत आसानी होती है।

नोट्स बनाने के लिए अच्छी क्वालिटी और पर्याप्त मात्रा में पेज नंबर वाली नोटबुक या डायरी का चयन करें। ताकि एक ही सब्जेक्ट के नोट्स एक जगह बन सके और आप आसानी से इनको अपने साथ केरी कर सके।

एग्जाम नोट्स बनाते समय  इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि आप टॉपिक heading  के ऊपर कुछ स्थान खाली छोड़े ,और इस स्थान में रिवीजन करने की दिनांक को अंकित करें ,इससे आपको यह जानने में भी सुविधा होगी कि आपने पिछली बार इस टॉपिक का रिवीजन कब किया था ताकि रिवीजन करने में ज्यादा गैप ना हो,

 निरंतर रिवीजन करते रहना भी परीक्षा में सफलता की एक महत्वपूर्ण रणनीति होती है।।


नोट्स बनाते समय आप अलग-अलग रंगों के पेन का प्रयोग करें , साथ ही साथ कुछ डायग्राम भी बनाएं इससे वह नोट्स रुचिकर बनेंगे और आपको रिवीजन करने में कभी भी बोरिंग नहीं होगी।,


नोट्स बनाने के उपरांत उन्हें समय-समय पर अपडेट भी करते रहना चाहिए ताकि पुरानी अथवा बेकार हो चुकी सूचनाओं को हटाया जा सके एवं नवीन सूचनाओं एवं आंकड़ों को दर्ज किया जा सके , साथ ही साथ एग्जाम नोट्स को अपडेट करते समय इनका रिवीजन भी कर लेना चाहिए ।


एग्जाम प्रिपरेशन के लिए नोट्स बनाते समय आवश्यकता अनुसार ग्राफ फ्लो चार्ट टेबल आदि का प्रयोग भी करना चाहिए जिससे कि कम समय में आसानी से भी दोहराए जा सके।

नोट्स ऐसे होने चाहिए जो परीक्षा के समय कम समय में ही रिवीजन करने योग्य हो अतः यथासंभव पॉइंट वाइज और छोटे रूप में ही बनाने चाहिए।

7 important tips for all exam preparation in short time


नोट्स बनाने की फायदे


नोट्स बनाने से विद्यार्थियों की उस टॉपिक से संबंधित तथ्य एवं अवधारणाओं को लंबे समय तक याद करने की क्षमता में वृद्धि होती है, साथ ही साथ लेखन शैली में भी सुधार होता है

तथा यह तथ्य भी वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित हो चुका है कि किसी भी चीज को जब हम कहीं पर नोट डाउन करते हैं तो वह हमारी स्मृति में लंबे समय तक मौजूद रहता है।

अच्छी तरीके से तैयार किए गए एग्जाम नोट्स विभिन्न परीक्षाओं में आपकी सफलता के महत्वपूर्ण साधन सिद्ध होते हैं ,अतः आप जिस भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उससे संबंधित सिलेबस के नोट्स को अच्छी तरीके से व्यवस्थित आकार में बनाने का प्रयास करना चाहिए।

अगर आप अच्छी मेहनत करके नोट तैयार करते हैं तो आप खुद अनुभव करेंगे कि आपको उन्हीं नोट्स से पढ़ने में बहुत सहजता एवं सरलता का अनुभव होगा , चाहे आपको उन  नोट्स के स्थान पर कितनी भी अच्छी किताब क्यों ना दे दी जाए फिर भी आप अपने द्वारा बनाए गए नोट्स से पढ़ने में ही अच्छा महसूस करेंगे और आपको कभी भी बोरिंग नहीं होगी और जल्दी रिवीजन भी हो सकेगा



Previous
Next Post »